बाद में जब दंपति ने आरसीआई इंडिया को नोटिस भेजा तो उसने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि उसका और गेमावत रिजॉर्ट का व्यावसायिक संबंध अब खत्म हो गया है। इस पर जिला उपभोक्ता अदालत ने आरसीआई की इस दलील को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने इस धोखाधड़ी में आरसीआई इंडिया और गेमावत रिजॉर्ट दोनों को कसूरवार माना और कहा कि भले ही गेमावत रिजॉर्ट ने पार्थसारथी दंपति से पैसे वसूले, लेकिन उसका कमीशन आरसीआई को भी मिला है। अदालत ने पार्थसारथी दंपति द्वारा दिए गए 1,15,175 रुपये नौ फीसदी ब्याज के साथ अदा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने 10,000 रुपये मुआवजा और 1,000 रुपये अदालती खर्च का भुगतान भी करने के आदेश दिए। इस मामले में दोनों कंपनियों की पुनरीक्षण याचिका राज्य और शीर्ष उपभोक्ता अदालत ने भी खारिज कर दी।-Adalat, Posted: 01 Feb 2012 09:11 PM PST